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पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह का निधन सरपंच से विधायक तक का तय किया सफर

संघर्षमय रहा जीवन लोकप्रियता की क्षेत्र में बनाई पहचान

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IMG 20260315 070300सतना/नागौद
जनसंघ से राजनीति की शुरुआत करने वाले क्षेत्र के जन सेवक जनता की आवाज हर समस्या का समाधान करने वाले लोकप्रिय नेता श्री यादवेंद्र सिंह ने भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में शनिवार को ली अंतिम सांस इस सांस के साथ हमेशा हमेशा के लिए बंद हो गया जनता का दरबार
जनहितैषी जन सेवक के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले ऐसे नेता के निधन से नागौद क्षेत्र के राजनीतिक जीवन का एक अध्याय समाप्त हो गया छोटे से गांव कचनार में साधारण परिवार में 1952 में
जन्म लेकर ऐसी लोकप्रियता बनाई की जन-जन की आवाज बनकर क्षेत्र में उभरे चुनाव में विजय पराजय एक द्वंद्व की तरह है लेकिन लोकप्रियता कामों से होती है एक ऐसा सच्चा जनसेवक जिसकी सुबह जनता के दरबार से और रात भी जनता की दरबार से होती थी यह दरबार प्रतिदिन का होता था हर समस्या का समाधान त्वरित करने का हमेशा इनका प्रयास रहता था आज वह आवाज सदा सदा के लिए बंद हो गई हर वर्ग के लोगों के हिमायती रहे श्री यादवेंद्र सिंह ने कभी कोई भेदभाव नहीं रखा स्पष्टवादिता इनके स्वभाव में थी इनका जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है जनता की आवाज बनकर हमेशा मुखर रहने वाले यादवेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर 1978 में शुरू हुआ जो 14 मार्च 2026 को उनके साथ समाप्त हो गया पहली बार वसुधा ग्राम पंचायत के 1978 में सरपंच बने दूसरी बार फिर से सरपंच निर्वाचित हुए उनको आसपास के गांव वाले सरपंच कह कर ही पुकारते थे 1991- 92 में विपणन सहकारी समिति नागौद के अध्यक्ष बने 1993 में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष एवं 1999 में कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष निर्वाचित हुए 1998 में स्वतंत्र रूप से विधानसभा चुनाव चुनाव चिन्ह बस के साथ लडे 2003 में कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी बनाया 2008, 2013 में भी कांग्रेस ने मौका दिया 2013 में विधायक निर्वाचित हुए 2018 के निर्वाचन में मामूली मतों से पराजित हो गए 2023 में कांग्रेस ने टिकट काट दिया तब बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहकर कांग्रेस को तीसरे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हो गए इनका राजनीतिक सफर कांटो भरा रहा लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी विधानसभा चुनाव चार बार पराजित होने के बाद भी अपने सहयोगियों का हमेशा मनोबल बढ़ाया उनकी पुत्रवधू श्रीमती प्रतिभा यतेंद्र सिंह नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष है जबकि पुत्र यतेंद्र सिंह पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं
[ कचनार गांव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे यादवेंद्र सिंह का ग्राम पंचायत के पंच से शुरू होकर विधानसभा तक का राजनैतिक सफर बेहद संघर्षमय रहा। क्षेत्र की बड़ी स्थापित हस्तियों ने राह में हजार कांटे बिछाए लेकिन रोक नहीं पाए। एक जिद थी विधायक बन कर जनता के लिए सेवा की मिशाल कायम करने की वह किया! सर्वाइकल के कारण पैरो में रक्त संचार बाधित हुआ फिर भी एक जिद थी कि अपने पैरों से एक बार फिर से पहले की तरह चलूंगा और क्षेत्र के गरीब वंचितों की सेवा करूंगा, दुर्भाग्य से नियति के सामने यह जिद पूरी न हो सकी और आज इस दुनिया से विदा हो गए यादवेंद्र सिंह जैसे जनसेवक, जनप्रतिनिधि जिन्होंने जीवन भर तन मन धन से जनता की सेवा की हर संभव मदद की विरले ही मिलते हैं ,न उम्मीदी के बीच उम्मीद की किरण थे, असंभव को संभव करने की क्षमता थी, जो भी मदद के लिए आया निराश नहीं गया

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